सलमान खान फायरिंग केस: बॉडीगार्ड ने कोर्ट में कहा- ‘यह हत्या की कोशिश थी’, सीसीटीवी में दिखे हमलावर

03 मई 2026
बॉडीगार्ड ने कोर्ट में कहा- ‘यह हत्या की कोशिश थी’, सीसीटीवी में दिखे हमलावर

मुंबई में अप्रैल 2024 में हुए हाई-प्रोफाइल फायरिंग केस में अब बड़ा अपडेट सामने आया है। बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के पर्सनल बॉडीगार्ड ने स्पेशल कोर्ट में अहम गवाही दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह घटना सिर्फ डराने की नहीं थी, बल्कि एक्टर की हत्या की कोशिश थी। यह बयान केस की दिशा बदल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की सुनवाई पिछले महीने शुरू हुई थी। बॉडीगार्ड को पहला गवाह बनाया गया। हालांकि, उनकी पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। गौर करने वाली बात यह है कि सलमान की सिक्योरिटी टीम में कई गार्ड शामिल हैं, जिनमें सबसे चर्चित नाम शेरा का है।

गवाही के दौरान बॉडीगार्ड ने बताया कि वह 13 अप्रैल की शाम सात बजे अपनी ड्यूटी पर पहुंचे थे। उस समय सलमान की सुरक्षा पहले से ज्यादा सख्त थी। इसकी वजह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से मिली लगातार धमकियां थीं। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल की सुबह अचानक पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी। पहले तो लगा कोई आम आवाज है। लेकिन तुरंत सीसीटीवी स्क्रीन चेक किया गया। वहां साफ दिखा कि दो लोग हेलमेट पहनकर बाइक पर आए और बिल्डिंग के बाहर फायरिंग शुरू कर दी।

हमलावरों ने किए 4-5 राउंड फायर

बॉडीगार्ड के मुताबिक, हमलावरों ने चार से पांच राउंड फायरिंग की। इसके बाद वह और बाकी सिक्योरिटी स्टाफ तुरंत बाहर पहुंचे। लेकिन तब तक आरोपी मौके से भाग चुके थे। गवाह ने बताया कि हमलावर ‘आई लव बांद्रा’ प्वाइंट की तरफ भागे और फिर मेहबूब स्टूडियो रोड की ओर निकल गए। कोर्ट में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर महेश मुले ने सीसीटीवी फुटेज भी पेश किया। इसमें बाइक गेट के पास आती और फायरिंग के बाद भागती हुई दिख रही है। गवाह ने फुटेज में कई अहम डिटेल्स की पहचान भी की।

फायरिंग के वक्त घर में ही थे सलमान खान

गवाही में यह भी सामने आया कि घटना के समय सलमान खान अपने घर में ही मौजूद थे। वह पहली मंजिल पर अपने बेडरूम में थे। बॉडीगार्ड ने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर थी और इसे सीधे तौर पर हत्या की कोशिश माना जाना चाहिए। हालांकि, क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें एक्टर को मिली धमकियों की पर्सनल जानकारी नहीं थी। एक अन्य गवाह, जो पुलिस गार्ड था, उसने बताया कि वह उस समय लॉबी में मौजूद था। उसने फायरिंग होते नहीं देखी, लेकिन मौके पर पड़े कारतूस जरूर देखे।

कई अभी भी वॉन्टेड

पुलिस जांच में सामने आया कि बाइक सवार हमलावर विक्की गुप्ता और सागर पाल थे। इसके अलावा मोहम्मद रफीक सरदार चौधरी ने घटना से पहले इलाके की रेकी की थी। उसने वीडियो बनाकर इसे अनमोल बिश्नोई को भेजा था, जो इस केस में वॉन्टेड है। फिलहाल इस मामले में विक्की गुप्ता, सागर पाल, सोनू कुमार बिश्नोई, मोहम्मद रफीक चौधरी और हरपाल सिंह न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं आरोपी अनुज कुमार थपन ने पुलिस हिरासत में आत्महत्या कर ली थी। इस केस के मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे लॉरेंस बिश्नोई और उसका भाई अनमोल बिश्नोई अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

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